अमृत का घुट भर ले ,
इस मन को महकाए
चाय प्रेम से विवश हुए,
आओ चाय बनाए
सुगंधित मसाले एकत्रित कर
सबको समान मिलाए
कूट कर डाले या खड़े ही
आओ चाय बनाए
अब बारी कुछ शर्करा या ,
गुण चीनी के साथ हम
मध्यम आंच पर होले होले पकाए
आओ चाय बनाए
सवाली सी चाय
कुछ दुग्ध की मात्रा सहित ,
और स्वाद ये बढ़ाए
प्रेम आदर सहित मित्रो
आओ चाय बनाए
चाय की पत्ती के उबलते ही
खुशबू लगी दौड़ने उत्साह की ,
मठरी ,बिस्किट या तन्हा ही ,
प्याले खूब सजाए
आओ चाय बनाए

आशी प्रतिभा, कवयित्री, ग्वालियर (मध्यप्रदेश)