5 नए सब-स्टेशन, 1000 ट्रांसफार्मर और 245 किमी लाइन बिछाने की योजना
उज्जैन: आगामी सिंहस्थ महापर्व को लेकर ऊर्जा विभाग ने निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार, मेला क्षेत्र में अनुमानित 230 मेगावॉट बिजली की मांग को पूरा करने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा।
ऊर्जा विभाग की कार्ययोजना के तहत मेला क्षेत्र में अस्थायी विद्युत ढांचे का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जाएगा। इसमें 5 नए 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 45 किमी लंबी 33 केवी लाइन और 200 किमी लंबी 11 केवी लाइन बिछाई जाएगी। पूरे क्षेत्र में बिजली वितरण को सुचारू रखने के लिए 1000 वितरण ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
सिंहस्थ में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी, एलईडी स्क्रीन और विभिन्न प्रदर्शनियां प्रमुख आकर्षण होंगी। इन सभी व्यवस्थाओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए बैकअप प्लान भी तैयार किया गया है, ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।
बिजली खपत के अनुमान के अनुसार, साधु-संतों के शिविरों और अखाड़ों में सबसे अधिक 120 मेगावॉट बिजली की आवश्यकता होगी। मेला क्षेत्र और घाटों पर स्ट्रीट लाइट, सजावटी रोशनी और फव्वारों के लिए 30 मेगावॉट का प्रावधान रखा गया है।वहीं, जल आपूर्ति और कचरा प्रबंधन संयंत्रों के लिए 10-10 मेगावॉट तथा सरकारी कार्यालयों के लिए 5 मेगावॉट बिजली निर्धारित की गई है। व्यावसायिक गतिविधियों के तहत दुकानों, रेस्टोरेंट, ई-बस चार्जिंग स्टेशनों और अन्य कार्यों के लिए कुल 55 मेगावॉट बिजली की व्यवस्था की जाएगी। ऊर्जा विभाग की इस योजना से पूरे मेला क्षेत्र में मजबूत और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
