अक्षय तृतीया पर सेवा, संस्कार और उत्सव का संगम

अक्षय तृतीया पर सेवा का अनोखा उदाहरण

गौशाला में हरा चारा खिलाकर मनाया जन्मदिन

सुरेश परिहार संपादक, पुणे

पावन पर्व अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर कांठेड़ परिवार ने सेवा, श्रद्धा और पारिवारिक एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया इस विशेष दिन को और भी यादगार बनाते हुए कांठेड़ परिवार के अमित कांठेड़ ने अपनी माताजी अंगूरबाला कांठेड़ के जन्मदिन तथा अपनी दुकान की दसवीं वर्षगांठ को एक अनोखे और पुण्य कार्य के साथ मनाया
सुबह से ही पूरे परिवार में उत्साह और भक्ति का माहौल था धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया को दान-पुण्य और सेवा के कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है इसी भावना को ध्यान में रखते हुए कांठेड़ परिवार के सभी सदस्य गोगापुर स्थित गौशाला पहुँचे, जहाँ उन्होंने गायों को हरा चारा खिलाकर सेवा का कार्य किया.

गौसेवा को भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व दिया गया है गाय को मातृ स्वरूप मानते हुए उसकी सेवा को पुण्यदायी माना जाता है परिवार के सदस्यों ने बड़े प्रेम और श्रद्धा के साथ गायों को चारा खिलाया और उनके प्रति अपनी आस्था व्यक्त की इस दौरान बच्चों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया.
यहां शहर के प्रसिद्ध कपड़ा व्यवसायी अनिल कांठेड़, भाजपा के नेता और मेडिकल व्यवसायी राजेश कांठेड़, सुरेश भंडारी, संदीप पोरवाल तथा संदीप चत्तर सहित कई गणमान्य मौजूद थे. इस अवसर पर परिवार के मुखिया अनिल अनिल कांठेड़ ने बताया कि हमने सोचा कि जन्मदिन केक काटकर नहीं, बल्कि कुछ ऐसा करके मनाया जाए जिससे समाज और प्रकृति के प्रति हमारा कर्तव्य भी निभाया जा सके गौशाला में सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है.
यह आयोजन न केवल एक पारिवारिक उत्सव था, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि खुशियों के अवसर पर सेवा और दान का महत्व भी उतना ही आवश्यक है इस प्रकार के प्रयास समाज में संवेदनशीलता और संस्कारों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

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