कविता, ग़ज़ल और नज़्म की रंगीन शाम

ऑनलाइन काव्य गोष्ठी

राष्ट्रीय साहित्य नवरत्न मंच का आयोजन

मुंबई से डॉ. अनामिका दुबे की रिपोर्ट

मुंबई, महाराष्ट्र |
राष्ट्रीय साहित्य नवरत्न मंच के तत्वावधान में 19 अप्रैल 2026 को गूगल मीट के माध्यम से एक भव्य ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने डिजिटल मंच पर साहित्य की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए देशभर के कवि-कवयित्रियों को एक सूत्र में पिरो दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डी. एन. झा “दीपक” ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय विजय नारायण तिवारी “रसिक” जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। गोष्ठी का कुशल संचालन वंदन शर्मा एवं डॉ. अनामिका निधि ने संयुक्त रूप से किया।

इस काव्य गोष्ठी में देश के विभिन्न प्रांतों से जुड़े साहित्यकारों डॉ. रामनिवास तिवारी “आशुकवि”, डॉ. राजेश तिवारी “मक्खन”, वृंदा वाणी, बहाल सिंह “बहाल” कवि, नीरजा सिंह, डॉ. चंद्रकांत मिश्रा, अनुराधा रवि पाण्डेय, आशीष सरोज, छत्र छाजेड़ “फक्कड़”, सत्यवान साहब गाजीपुरी एवं आरजे आनंद गुप्ताने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कविता, गीत, ग़ज़ल और नज़्म के विविध रंगों से सजी इस गोष्ठी में प्रेम, सामाजिक सरोकार, नारी चेतना, देशभक्ति एवं जीवन दर्शन जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद एक से बढ़कर एक रचनाओं का सिलसिला देर तक चलता रहा। अध्यक्षीय उद्बोधन में डी. एन. झा “दीपक” ने कहा कि डिजिटल माध्यम साहित्य को व्यापक मंच प्रदान कर रहा है और ऐसे आयोजनों से साहित्यकारों को नई ऊर्जा एवं दिशा मिलती है। कार्यक्रम के अंत में आयोजक संस्था की संस्थापिका डॉ. अनामिका दुबे निधि एवं सह-संस्थापक रत्नेश दुबे ने सभी अतिथियों, प्रतिभागी कवियों एवं श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजनों के निरंतर आयोजन का संकल्प दोहराया। गोष्ठी का समापन राष्ट्रगान एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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