
अनुपम नीता बर्डे, प्रसिद्ध व्यंग्यकार, बिलासपुर
यदि श्रीनगर में डल-झील न होती तो वह “श्री” न होता ! श्रीनगर की पहचान ही डल झील से है। खूबसूरत मीठे पानी की झील जो लगभग 22 से 25 कि.मी. लम्बाई तक चली गई है। झील के किनारे किनारे रोड भी जाती है , जिसमें ड्राइव करके झील का सुन्दर नज़ारा लिया जा सकता है। रोड में कुछ कुछ दूरियों पर घाट बनें हैं जहाँ आपको शिकारे खड़े मिलेंगे , आप शिकारे का किराया देकर झील में भ्रमण कर सकते है। झील के एक किनारे में रोड है तो दूसरे किनारे पर छोटे बड़े हाउस बोट खड़े हैं। हाउस बोट तक जाने के लिए शिकारे की आवश्यकता होती है। हाउस बोट में रुकने का एक अलग मज़ा है ! कुछ अच्छे हाउस बोट का इंटीरियर लाजवाब है , सारी सुविधाएँ हैं , ड्राइंग रूम, डाइनिंग रूम , ओपन सिटिंग एरिया , ड्रेसिंग रूम , बढ़िया वाशिंग रूम , कमोड, बाथ टब , गर्म पानी की व्यवस्था , कमरों में एयर कंडीशनर , रूम वार्मर , वाई-फाई सुविधा , टी. वी. ! मैंने अपने वीडियो में हॉउस बोट के इंटीरियर को दिखाया है।

पूरा हॉउस बोट देवदार वृक्ष की लकड़ियों से बनाया जाता है जो सौ साल तक पानी में डूबे रहने पर भी नहीं सड़ती है। अंदर , अखरोट की लकड़ियों से शानदार नक्काशी की जाती है , जो देखते ही बनती है ! सोफे , कुर्सियां , डाइनिंग टेबल , बेड , ड्रेसिंग टेबल सभी में शानदार नक्काशी ! हाउस बोट के बाहर के ओपन एयर पैसेज में आराम से बैठकर झील में तैरते हुए शिकारों को निहारना , दूर दूर तक फैले ऊँचे ऊँचे पहाड़ों को निहारना बेहद रोमांचकारी होता है। आप हाउस बोट से शिकारे की सैर पर भी जा सकते हैं।

शिकारे से झील की सैर करना भी बहुत खुशनुमा अनुभव होता है। जब आप झील में , शिकारे पर सैर करते हैं तो , छोटी छोटी नौकाओं पर खाद्य सामग्रियां या फिर डेकोरेशन की सामग्रियां लेकर बेचने वाले आपके शिकारे के पास आ जाते हैं। झील में ही तैरता एक मीना-बाजार भी है जहाँ आपको शिकारे वाले ले जाते हैं वहां अनेक प्रकार की तैरती दूकानें हैं जहाँ से आप सामग्रियां खरीद सकते हैं।झील की गहराई 5 फ़ीट से 15 फ़ीट तक है। बरसात हो या न हो , झील के पानी के सतह में कोई विशेष अंतर नहीं पड़ता है। आप जब भी काश्मीर घूमने की योजना बनायें तो एक पूरा दिन , हाऊस बोट के लिए अवश्य रखियेगा , उसमें ठहरने का अहसास ही रोमांचकारी होता है। यह अवश्य है कि एक अच्छे हाउस बोट में ठहरने का खर्च दस से पंद्रह हज़ार रुपये , प्रति स्यूट , प्रति दिन का होता है जो मध्यम वर्ग के लिए कुछ महंगा है, लेकिन वाजिब भी है क्योंकि एक बोट की कीमत करोड़ों में होती है।

हमारी यात्रा लेख को अपनी वेब पत्रिका में स्थान देने के लिये हृदय से धन्यवाद 🙏🏻
बहुत सुन्दर यात्रा संस्मरण
सुन्दर लेख
बहुत अच्छी जानकारी दी है
आप का बहुत आभार
😊