फिर कभी न लौटने के लिए…
“फिर कभी न लौटने के लिए…” एक गहन भावनात्मक और दार्शनिक कविता है, जिसमें कवयित्री तन्हाई, प्रकृति और आत्म-अन्वेषण के माध्यम से जीवन के गूढ़ प्रश्नों को समझने की कोशिश करती है। यह कविता आत्मा की शांति और अस्तित्व की खोज का संवेदनशील चित्रण है।
