…कहीं आपको भी तो नहीं है फोन एडिक्शन
डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारी दिनचर्या का बड़ा हिस्सा बन चुका है, लेकिन सुविधा और मनोरंजन के बीच उसकी लत कब लग जाती है, कई बार हमें पता भी नहीं चलता। लंबे समय तक सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, नोटिफिकेशन के बारे में लगातार सोचना, फोन पास न होने पर बेचैनी ये सभी संकेत बताते हैं कि हमारा डिजिटल व्यवहार नियंत्रण से बाहर हो रहा है। समय रहते सीमाएँ तय करना और ऑफलाइन जीवन को महत्व देना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है।
