कवि नीरज : स्मृतियों में बसा एक उजला व्यक्तित्व
कवि गोपालदास सक्सेना ‘नीरज’ को याद करना केवल एक रचनाकार को स्मरण करना नहीं, बल्कि उस युग को पुनः जीवित करना है, जिसमें कविता जीवन का उत्सव और संघर्ष का स्वर थी। मुंबई में आयोजित ‘शताब्दी स्मरण’ कार्यक्रम में साहित्यकारों ने नीरज के काव्य, व्यक्तित्व और गीतों के विविध आयामों पर विचार रखे।
