Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
खिड़की के पास बैठी एक युवती, शहर की रोशनी को देखते हुए गहरी सोच में डूबी है, हाथ में फोन है लेकिन वह किसी को संदेश नहीं भेज रही, चेहरे पर हल्की उदासी और अनकही मोहब्बत का एहसास झलक रहा है।

खामोशी में छुपा प्यार

कभी-कभी प्यार शब्दों में नहीं, खामोशी में पनपता है। यह वही एहसास है जो दिल में चुपचाप जगह बना लेता है, बिना इज़हार के भी गहराता जाता है। इस अनकही मोहब्बत में एक सुकून भी है और एक हल्की सी कसक भी, जहां हर खामोशी के पीछे सिर्फ एक ही नाम छुपा होता है।

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