Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
सर्दियों की ठंडी सुबह का यथार्थ दृश्य, हल्की धुंध से ढकी भारतीय गली, शॉल और ऊनी कपड़ों में लिपटे लोग, आग के पास हाथ सेंकते बुजुर्ग, चाय के कप लिए महिलाएं और जैकेट पहने बच्चे.

सर्दी का मौसम

ठंडी हवा ने जैसे पूरे शहर को अपनी गिरफ्त में ले लिया था. सुबह की धुंध गलियों में चुपचाप उतर आई थी और सूरज की किरणें मानो रास्ता तलाश रही थीं. लोग शॉल और स्वेटर में सिमटे, कदम धीरे-धीरे बढ़ा रहे थे. हर मोड़ पर चाय की भाप उठती दिखती थी, जो ठिठुरते बदन को थोड़ी राहत देती थी. कहीं बुजुर्ग आग के पास हाथ सेंकते नजर आते, तो कहीं बच्चे ठंड से सिकुड़ते हुए भी स्कूल की राह पकड़ते थे. यह सर्दी केवल मौसम नहीं थी, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी की चाल को थाम लेने वाली एक खामोश ताकत बन चुकी थी.

Read More