बालकनी में बैठी एक महिला अपनी दिवंगत माँ को याद करते हुए भावुक संस्मरण लिख रही है, पीछे रात का शांत वातावरण दिखाई दे रहा है।

“हर हिस्से की गूँज है माँ”

माँ केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की सबसे गहरी गूँज होती है। “हर हिस्से की गूँज है माँ” एक बेटी की भावुक स्मृतियों से बुना गया ऐसा संस्मरण है, जिसमें माँ के प्रेम, अनुशासन, त्याग, संवेदनाओं और बिछड़ने के दर्द को बेहद आत्मीयता से व्यक्त किया गया है। यह लेख हर उस व्यक्ति के दिल को छू जाएगा, जिसने अपनी माँ के स्नेह को महसूस किया है।

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रोटी की दास्तान

एक पिता जिसने बच्चों के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी, वही बुढ़ापे में भावनात्मक उपेक्षा का शिकार हो जाता है। “रोटी की दास्तान” रिश्तों की सच्चाई को बेहद मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करती है।

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“यादों का लिफाफा”

इस कविता में एक संतान अपनी माँ की यादों और सीख को भावनात्मक रूप में संजोती है। माँ द्वारा दिए गए एक पुराने खत में छिपे भाव उसे आज भी संबल देते हैं। माँ की कही बातें, उसके एहसास, और उसका साथ — सब कुछ आज भी दिल की अलमारी में सजे हुए हैं। वह मानती है कि वह माँ जैसी नहीं बन सकी, लेकिन माँ से जीवन की सच्ची बातें सीखी हैं — मोहब्बत, यारी और कठिनाइयों में टूटे बिना जीना। उजालों की प्रतीक्षा में अंधेरों से जो उसने पाया, वो भी माँ की दी हुई रोशनी से ही संभव हो पाया।

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