प्रभु जी में विलक्षण संगठन क्षमता थी
राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के संयोजक डॉ. प्रभु चौधरी के आकस्मिक निधन से शिक्षा और साहित्य जगत में शोक की लहर है।

राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के संयोजक डॉ. प्रभु चौधरी के आकस्मिक निधन से शिक्षा और साहित्य जगत में शोक की लहर है।
महिदपुर रोड की प्रतिभाशाली छात्रा आकांक्षा शर्मा ने सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय में एमएससी जूलॉजी में प्रथम स्थान प्राप्त कर शानदार उपलब्धि हासिल की। 30वें दीक्षांत समारोह में उन्हें राज्यपाल मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दो गोल्ड मेडल और “बेस्ट स्टूडेंट” सम्मान से नवाजा गया। उनकी इस सफलता से पूरे महिदपुर रोड में गर्व और उत्साह का माहौल है।
साल 1977 की यह रामलीला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि महिदपुर रोड की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान थी। रंग-बिरंगे पर्दों, अनुशासनपूर्ण व्यवस्था और जीवंत पात्रों वाली यह रामलीला आज भी स्मृतियों में जीवित है, जब लोग दोपहर में ही रात की सीट बुक करने चले जाते थे, और हनुमानजी का प्रसाद पूंछ से मिलता था।