Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
सांझ के समय फूलों से सजे रास्ते पर अपने प्रिय का इंतजार करता एक प्रेमी, जिसकी आँखों में प्रेम और उम्मीद झलक रही है।

उसने कहा…

“उसने कहा… इधर से गुजरेंगे कभी” और तब से दिल ने इंतज़ार के फूल बिछा दिए। यह शायरी प्रेम, प्रतीक्षा और उन आँखों की कहानी है जिनमें सिर्फ एक ही चेहरा बसता है।

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