नारी शक्ति पर कविता: अग्नि-सी आँखें, वज्र-सा संकल्प

भीतर की दुर्गा: एक मौन युद्ध

यह कविता नारी के बाहरी साहस और भीतर की आध्यात्मिक शांति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है, जहाँ युद्ध बाहर नहीं बल्कि मन के अंधकार से होता है और हर प्रहार आत्मबोध की ओर एक कदम बन जाता है।

Read More