अनुराग और आत्मप्रेम की अनुभूति को दर्शाती भावपूर्ण हिंदी कविता 'मेरा अनुरागी मन'

‘मेरा अनुरागी मन’

‘मेरा अनुरागी मन’ आत्मप्रेम, अनुराग और जीवन में प्रेम के पुनर्जागरण की एक संवेदनशील कविता है। इसमें वैराग्य से श्रृंगार तक की भावयात्रा, बसंत की तरह लौटती मुस्कान और भीतर बसे दिव्य प्रेम का सुंदर चित्रण किया गया है।

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कदंब तले: राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम और भक्ति रस से सजी भावपूर्ण कविता

कदंब तले

कदंब वृक्ष की छांव में खड़े श्याम, राधा का पिघलता मन, बांसुरी की मधुर तान और प्रेम रस की वर्षा—‘कदंब तले’ कविता राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम और भक्ति की अनुपम अनुभूति कराती है।

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