कुछ दोस्त जाते नहीं… बस दिखाई देना छोड़ देते हैं
कुछ दोस्त जीवन से कभी नहीं जाते, वे सिर्फ आँखों से ओझल हो जाते हैं। फ्रेंडशिप डे पर दो दिवंगत मित्रों पारस बोथरा और डॉ. रामगोपाल गुप्ता को समर्पित यह संस्मरण सच्ची दोस्ती, अपनापन और उन यादों की कहानी है जो समय के साथ और गहरी होती जाती हैं। यह लेख हर उस पाठक को अपने किसी बिछड़े दोस्त की याद दिलाएगा।
