अब क्या होगा
आधी रात…
तूफ़ान अपने चरम पर था और घर के भीतर एक अजीब सन्नाटा पसरा हुआ था।अचानक फोन की घंटी गूंजी और शेफाली का दिल जैसे धड़कना भूल गया। सब कुछ सामान्य लग रहा था…पर फिर भी, उसके भीतर कुछ था जो कह रहा था सब ठीक नहीं है…

आधी रात…
तूफ़ान अपने चरम पर था और घर के भीतर एक अजीब सन्नाटा पसरा हुआ था।अचानक फोन की घंटी गूंजी और शेफाली का दिल जैसे धड़कना भूल गया। सब कुछ सामान्य लग रहा था…पर फिर भी, उसके भीतर कुछ था जो कह रहा था सब ठीक नहीं है…
कुएँ के चारों ओर का घेरा टूटते ही सब कुछ शांत हो गया…लेकिन ब्लैकवुड वैली ने उन्हें छोड़ा नहीं…वो बस उन्हें अपने साथ थोड़ा-थोड़ा ले गई।अब वे जिंदा थे…पर पहले जैसे नहीं……
ब्लैकवुड वैली भाग 2 में दोस्तों का सामना एक रहस्यमयी घर, अजीब आवाज़ों और खौफनाक परछाईं से होता है, जहां हर पल खतरा बढ़ता जाता है।
ब्लैकवुड वैली एक ऐसी रहस्यमयी घाटी जहाँ से लोग लौटते तो हैं, लेकिन पहले जैसे नहीं रहते। पाँच दोस्तों की एडवेंचर ट्रिप कैसे बदल जाती है डरावने अनुभव में, पढ़ें इस रोमांचक कहानी के पहले भाग में।