भीगी यादें
बारिश की पहली बूँद के साथ क्यों लौट आती हैं बचपन, प्रेम और बीते दिनों की यादें? यह लेख मानसून, सौंधी मिट्टी की महक और दिल की भावनाओं के उस अनकहे रिश्ते को खूबसूरती से शब्द देता है, जिसे लगभग हर व्यक्ति कभी न कभी महसूस करता है।

बारिश की पहली बूँद के साथ क्यों लौट आती हैं बचपन, प्रेम और बीते दिनों की यादें? यह लेख मानसून, सौंधी मिट्टी की महक और दिल की भावनाओं के उस अनकहे रिश्ते को खूबसूरती से शब्द देता है, जिसे लगभग हर व्यक्ति कभी न कभी महसूस करता है।
घर पर रहना पसंद करने वाले लोग दुनिया से कटे हुए नहीं होते, बल्कि वे शांति, भावनात्मक सुरक्षा और आत्म-संतुलन को प्राथमिकता देते हैं. उनका समृद्ध आंतरिक संसार, रचनात्मक सोच और खुद के साथ सहज रहने की क्षमता उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाती है. यह आदत आलस्य नहीं, बल्कि आत्म-देखभाल और संतोष का संकेत है.
नीलम राकेश, प्रसिद्ध लेखिका, सीतापुर रोड लखनऊ अपने बरामदे में आराम कुर्सी पर बैठे शेलेन्द्र कुमार सिन्हा अपलक एक छोटे बादल के टुकड़े को आकाश में अकेले अठखेली करते देख रहे थे। उनके अन्तस का एकाकीपन पूरी तीव्रता के साथ उनके ऊपर हावी था। अपना जीवन उन्हें इस निरीह क्लांत बादल के टुकड़े जैसा प्रतीत…
मेरी माँ घर से बाहर तो जाती हैं, लेकिन घर को घर पर छोड़ नहीं पातीं। उनकी गृहस्थी उनकी परछाई की तरह हमेशा उनके साथ रहती है। रसोई उनके लिए वह जगह है, जहाँ बच्चे जैसी मासूमियत और स्नेह बसता है। लोग कह सकते हैं कि वह सिर्फ एक गृहिणी हैं, पर मेरी माँ केवल गृहिणी नहीं, मेरी जीवनी हैं।
उन्होंने मुझे इतिहास, भूगोल और गणित की बारीकियाँ, साहस, सहिष्णुता और समग्र दृष्टि दी। लगभग सभी विषयों का ज्ञान और जागरूकता उन्होंने मुझे प्रदान की। इस पूरी प्रक्रिया में मेरे पिता भी मेरे और माँ के विकास में साथ रहे।
योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मचिंतन और संतुलित जीवन का माध्यम है। आधुनिक जीवन की भागदौड़, तनाव और बेचैनी से मुक्ति का सरल, सस्ता और प्रभावी उपाय है योग। यह न सिर्फ शरीर को सशक्त करता है बल्कि मन को भी स्थिरता, ऊर्जा और सकारात्मकता से भर देता है। योग वह शक्ति है जो जीवन को दिशा, उद्देश्य और संतुलन प्रदान करती है।