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प्रयागराज-सा संगम मन

कुछ भावनाएँ ऐसी होती हैं जो कही नहीं जातीं, लेकिन दिल की गहराइयों में अनवरत बहती रहती हैं — सिसकती हुई, दबी हुई, फिर भी महसूस होती हुई। ये धड़कनों में छिपे वो एहसास हैं जो न पूरी तरह अव्यक्त हैं, न पूरी तरह अभिव्यक्त। दिल मानो एक ऐसा प्रयाग है जहाँ हर भावना, हर याद, हर संबंध एकत्र हो जाता है — जैसे गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम।हाल ही में जन्मे एक मासूम से इश्क़ ने मन को कुंभ की तरह भीगो दिया है — वह भी मौन में, तप में, जल में और हवा के हर स्पर्श में। तेरी उपस्थिति जैसे हर तत्व में घुल गई है। इस भावनात्मक संगम में अब प्रेम और भक्ति एकसाथ बह रहे हैं। मन जैसे प्रयागराज बनकर इंद्रियों में शंखनाद कर रहा है — बुला रहा है, कि अब इस प्रवाह में तुम भी आ जाओ।

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टैरो कार्ड्स: भविष्य नहीं, आत्म-खोज की एक यात्रा

“टैरो कार्ड्स अब केवल भविष्य बताने का माध्यम नहीं, बल्कि हमारे भीतर के मौन से संवाद करने का एक सशक्त साधन हैं। ये प्रतीकात्मक चित्र हमारे मन की परतों को खोलते हैं, और हमें खुद से जुड़ने का अवसर देते हैं।”

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