आज़ादी का सच
आज़ादी के जश्न, तिरंगे और देशभक्ति के नारों के बीच यह रचना आम आदमी की रोजमर्रा की परेशानियों और सामाजिक विडंबनाओं का मार्मिक चित्र प्रस्तुत करती है.

आज़ादी के जश्न, तिरंगे और देशभक्ति के नारों के बीच यह रचना आम आदमी की रोजमर्रा की परेशानियों और सामाजिक विडंबनाओं का मार्मिक चित्र प्रस्तुत करती है.