भला जो देखन मैं चला…
कलियुग में अच्छाई और बुराई के संघर्ष को प्रस्तुत करती यह विचारोत्तेजक कविता आत्मचिंतन, मानवीय मूल्यों और समाज की बदलती सोच पर गहरा संदेश देती है। कविता बताती है कि सच्ची जीत अच्छाई और सत्य के मार्ग पर चलने में ही है।

कलियुग में अच्छाई और बुराई के संघर्ष को प्रस्तुत करती यह विचारोत्तेजक कविता आत्मचिंतन, मानवीय मूल्यों और समाज की बदलती सोच पर गहरा संदेश देती है। कविता बताती है कि सच्ची जीत अच्छाई और सत्य के मार्ग पर चलने में ही है।