मिस्टिक स्टे
रंग-बिरंगे फानूस, दीवारों पर सजी कठपुतलियाँ और मेहरानगढ़ किले का मनमोहक नज़ारा। हया इस शाही हवेली की खूबसूरती में खो जाती है, लेकिन समर्थ के मन में कुछ अनजानी आशंकाएँ जन्म लेने लगती हैं। आखिर इस हवेली और उसके खास कमरे में ऐसा क्या है?

रंग-बिरंगे फानूस, दीवारों पर सजी कठपुतलियाँ और मेहरानगढ़ किले का मनमोहक नज़ारा। हया इस शाही हवेली की खूबसूरती में खो जाती है, लेकिन समर्थ के मन में कुछ अनजानी आशंकाएँ जन्म लेने लगती हैं। आखिर इस हवेली और उसके खास कमरे में ऐसा क्या है?
राघव और रिद्धिमा की यह कहानी उस प्रेम की बात करती है, जिसमें किसी को बाँधने की कोशिश नहीं होती। पुराने अनुभवों से मिले डर, भरोसे की कमी और रिश्तों की झिझक के बीच क्या दो लोग फिर से प्रेम करना सीख सकते हैं?
जोधपुर की नीली गलियों को देखने का हया का सपना आखिर पूरा हो रहा था। समर्थ के साथ तस्वीरें खींचते हुए वह एक ऐसी पुरानी हवेली तक पहुँच जाती है, जो अब होटल बन चुकी है। हवेली की अनूठी बनावट, पत्थर का विशाल हाथी और कैक्टस से सजा रिसेप्शन उनके सफर को एक नया मोड़ देते हैं।
क्या प्रेम में किसी को खो देने का डर जरूरी है? राघव और रिद्धिमा की कहानी बताती है कि रिश्ते केवल वादों से नहीं, बल्कि ईमानदारी, संवाद, सम्मान और भरोसे से मजबूत बनते हैं।
कृति ने परिवार के लिए अपने सपनों और इच्छाओं को बार-बार पीछे रखा, लेकिन मन के भीतर सुलगती आग कभी बुझी नहीं. वर्षों बाद उसे अपने त्याग का प्रतिफल एक अप्रत्याशित स्नेह में मिलता है.
विदेश में सफलता की तलाश में मोहन अपने परिवार और घर से दूर हो गया। वर्षों बाद लौटने पर उसे एहसास हुआ कि पैसों से बड़ी दौलत उसके पिता, परिवार और उसी घर में उसका इंतजार कर रही थी।
पति की असमय मृत्यु के बाद मेघा यादों और अकेलेपन में सिमट गई थी। समाज की बदलती नजरों के बीच सास के एक निर्णय ने उसके सामने जिंदगी को नए सिरे से देखने का रास्ता खोल दिया।