साहित्य का महाकुंभ: 200 से अधिक कवियों ने भरी राष्ट्र निर्माण की हुंकार

सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वायर न्यूज़, पुणे

आबूरोड-जब कविता केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति न रहकर समाज को दिशा देने का संकल्प बन जाए, तब साहित्य का मंच अपनी सीमाओं से कहीं आगे निकल जाता है. आबूरोड में आयोजित राष्ट्रीय कवि संगम के 11वें राष्ट्रीय अधिवेशन में कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जहां देशभर से जुटे 200 से अधिक कवियों और साहित्यकारों ने साहित्य, संस्कार, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण के मुद्दों पर मंथन किया. अधिवेशन में कविता को समाज और राष्ट्र की चेतना जगाने वाली प्रभावी शक्ति बनाने पर जोर दिया गया. वहीं महाराष्ट्र के साहित्यिक संगठनात्मक विस्तार को नई दिशा देते हुए रीमा राय सिंह को राष्ट्रीय कवि संगम, महाराष्ट्र प्रांत का अध्यक्ष बनाया गया.
राष्ट्रीय कवि संगम के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्यकारों की लेखनी समाज में जागरूकता, संस्कार, राष्ट्रीय भावना और एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. उन्होंने साहित्यकारों से राष्ट्रहित में अपनी रचनात्मक भूमिका को और प्रभावी बनाने का आह्वान किया.अधिवेशन के विभिन्न सत्रों में साहित्य और राष्ट्र निर्माण, सामाजिक चेतना, संस्कार, राष्ट्रीय एकता तथा समाज में साहित्य की भूमिका जैसे विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ. अधिवेशन में राष्ट्रीय कवि संगम के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मार्गदर्शक स्वर्गीय जगदीश मित्तल ङ्गबाबूजीफ को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया. साहित्य और संगठन के क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हुए उपस्थित साहित्यकारों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की.
उनके निधन के बाद संगठन की राष्ट्रीय जिम्मेदारी रमेश अग्रवाल को नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सौंपी गई. साहित्यकारों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए संगठन को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई. कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं विधायक योगेश्वर गर्ग तथा जालोर के सांसद लुंबाराम चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे. राष्ट्रीय कवि संगम के कार्याध्यक्ष डॉ. अशोक बत्रा और राष्ट्रीय महामंत्री महेश कुमार शर्मा की भी गरिमामयी उपस्थिति रही.
वरिष्ठ कवियों एवं साहित्यकारों रसिक गुप्ता, प्रियंका राय ओम नंदिनी, कल्पना शुक्ला, बलजीत कौर और कविता किरण सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए अनेक साहित्यकारों ने अधिवेशन में सहभागिता की.
रीमा राय सिंह को महाराष्ट्र की जिम्मेदारी
अधिवेशन में महाराष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए रीमा राय सिंह को राष्ट्रीय कवि संगम, महाराष्ट्र प्रांत का अध्यक्ष बनाया गया. उनकी नियुक्ति को प्रदेश में संगठन की साहित्यिक गतिविधियों को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.रीमा राय सिंह के नेतृत्व में महाराष्ट्र से वरिष्ठ साहित्यकार गुलशन मदान, शशिकला कालकर, अर्चना झा, सुरेन्द्र प्रसाद, लक्ष्मी यादव, मधुर अहीरे और वीनू त्रिपाठी ने अधिवेशन में सहभागिता की.
साहित्य के जरिए राष्ट्र और समाज को जोड़ने का संकल्प
अधिवेशन में देश के विभिन्न प्रांतों से आए साहित्यकारों ने साहित्य के माध्यम से सामाजिक जागरूकता, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया. आबूरोड का यह अधिवेशन जहां साहित्य और राष्ट्रभावना के संगम का मंच बना, वहीं महाराष्ट्र में नई नेतृत्व जिम्मेदारी के साथ राष्ट्रीय कवि संगम के विस्तार की नई राह भी तय करता नजर आया.
