सस्ते सोने के नाम पर डेढ़ करोड़ की ठगी

सस्ते सोने के नाम पर 1.5 करोड़ की ठगी, फरार दंपति गिरफ्तार

निवेश का झांसा देकर कई लोगों को बनाया शिकार, ओला कैब ट्रैक कर पुलिस ने दबोचा

पुणे : सस्ते में सोना देने का लालच देकर सोने में निवेश के नाम पर तीन लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी कर फरार हुए पति-पत्नी को भारती विद्यापीठ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

गिरफ्तार आरोपियों के नाम हेमंत दत्तात्रय खरोटे (उम्र 45 वर्ष) और रुपाली हेमंत खरोटे (उम्र 38 वर्ष, निवासी बालाजी कृपा, शिवशंभोनगर, कात्रज) हैं.

इस मामले में 61 वर्षीय एक महिला ने भारती विद्यापीठ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. हेमंत खरोटे और रुपाली खरोटे की ‘अवनी ज्वेलर्स’ नाम से सराफा दुकान है. शिकायतकर्ता पहले एसबीआई की आंबेगांव शाखा में बैंक अधिकारी थीं, जहां हेमंत खरोटे सोने का वैल्यूएशन करने का काम करता था. इसी दौरान दोनों की पहचान हुई थी.

शिकायतकर्ता और उनके पति सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें मिली रकम को सोने में निवेश करने की सलाह हेमंत खरोटे ने दी. उसने कहा कि सभी लेनदेन ऑनलाइन होंगे, सोने का प्रति तोला भाव कम है और मेकिंग चार्ज नहीं लगेगा. इस तरह उसने उनका विश्वास जीत लिया. शुरुआत में उन्हें 125 ग्राम सोना दिया गया.

इसके बाद अलग-अलग सोने के आभूषण और सोने की बिस्किट के फोटो दिखाकर सस्ते में सोना देने का झांसा देकर समय-समय पर कुल 1 करोड़ 49 लाख 95 हजार रुपये लिए. इनमें से केवल 125 ग्राम सोना और 7 लाख 90 हजार रुपये वापस कर, 1 करोड़ 34 लाख 82 हजार रुपये की ठगी की गई.

इसके अलावा दो अन्य लोगों से भी इसी तरह ठगी कर दोनों फरार हो गए थे. उनके खिलाफ महाराष्ट्र ठेवीदारों के हितों के संरक्षण अधिनियम के तहत भी धाराएं बढ़ाई गई हैं.

पुणे शहर से फरार होने के बाद आरोपी 9 मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बदल-बदल कर इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस ने उनके मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया का तकनीकी विश्लेषण किया, जिससे पता चला कि वे देश के विभिन्न राज्यों में घूम रहे हैं.

जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि आरोपी ओला कैब से यात्रा कर रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने ओला कैब चालक के मोबाइल नंबर, यात्रा की दिशा और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर जाल बिछाया और उन्हें मुंबई-पुणे यात्रा के दौरान पकड़कर गिरफ्तार कर लिया.

अब तक तीन पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने कई अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार बनाया है. जिन नागरिकों के साथ ऐसी घटना हुई हो, उनसे भारती विद्यापीठ पुलिस थाने से संपर्क करने की अपील की गई है.

यह कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त राजेश बनसोडे, पुलिस उपायुक्त मिलिंद मोहिते और सहायक पुलिस आयुक्त राहुल आवारे के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राहुल खिलारे, सहायक पुलिस निरीक्षक विश्वास भाबड, पुलिस कर्मी किरण देशमुख, नरेंद्र महांगरे, राहुल शेडगे, महेश बारवकर, मितेश चोरमोले, मनोज निर्मळे, श्रीकांत कुलकर्णी, सागर बोरगे, अवधूत जमदाडे और सोनाली पिलाणे की टीम ने की.

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