डोर जो बंधी है
रिश्तों की उलझनों और आत्मविश्वास की तलाश के बीच झूलती यह कहानी दो बहनोंकनु और मन्नी—की है, जहाँ एक की कठोर सच्चाई दूसरी के टूटते हौसले को फिर से जोड़ने की कोशिश करती है। क्या मन्नी अपनी खोई हुई पहचान और आत्मविश्वास वापस पा सकेगी?

रिश्तों की उलझनों और आत्मविश्वास की तलाश के बीच झूलती यह कहानी दो बहनोंकनु और मन्नी—की है, जहाँ एक की कठोर सच्चाई दूसरी के टूटते हौसले को फिर से जोड़ने की कोशिश करती है। क्या मन्नी अपनी खोई हुई पहचान और आत्मविश्वास वापस पा सकेगी?
खुशनसीब प्रेमिकाएँ वो होती हैं जिनके प्रेम में बड़े वादे नहीं, बल्कि छोटी-छोटी सच्ची खुशियाँ होती हैंसुबह की चाय, सम्मान, साथ और एक सुकून भरा रिश्ता। यह कविता सच्चे प्रेम की उसी खूबसूरत सादगी को दर्शाती है।
लाइव वॉयर न्यूज लेखन प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। मौसमी चंद्रा,रेनू
शब्द मुखर और डॉ. रत्ना माणिक ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया, जबकि अन्य रचनाकारों को भी विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
यह कविता झोपड़ी में पलती गरीबी, भूख से बिलखते बच्चे और परिवार के लिए संघर्ष करती एक माँ की दर्दभरी कहानी कहती है। सिसकती रातों और टूटी उम्मीदों के बीच यह कविता समाज की कठोर सच्चाई को संवेदनशील शब्दों में सामने लाती है।
होली के रंग खुशियों के प्रतीक माने जाते हैं, लेकिन कभी-कभी ये रंग विरह की पीड़ा भी बयान कर देते हैं। यह कविता प्रेम, दूरी और यादों के भाव को रंगों के प्रतीक के माध्यम से व्यक्त करती है जहां रंग भी जैसे पूछते हैं, साथ क्यों नहीं।
“प्रभु का प्रसाद” एक सुंदर भक्ति कविता है जिसमें ईश्वर से आशीर्वाद, प्रेम, सुख और मंगल विचारों की कामना की गई है। यह रचना मानव जीवन में भक्ति, करुणा और सकारात्मकता का संदेश देती है।
निर्बल की तुम ढाल बनना एक प्रेरणादायक हिंदी कविता है जो मानवता, करुणा और सहानुभूति का संदेश देती है। यह रचना हमें सिखाती है कि जो कमजोर हैं, उन्हें सहारा देना और उनके आँसू पोंछना ही सच्ची इंसानियत है।
महिला दिवस के अवसर पर आयोजित “रंग-रस और हास्य की फुहार” कार्यक्रम में हास्य कवि सम्मेलन, साहित्यिक प्रस्तुतियां और नारी शक्ति सम्मान समारोह ने दर्शकों को खूब आनंदित किया।
क स्त्री का अपने पति के नाम लिखा गया यह मार्मिक पत्र उसके जीवन के उन अनकहे दर्दों को उजागर करता है, जो प्रेम की चाह, उपेक्षा और रिश्तों की खामोशी के बीच धीरे-धीरे उसे भीतर से तोड़ देते हैं।