जयपुर में गूंजा “ब्रज रसिया”-होली के रंग.. कृष्णा के संग”

जयपुर में आयोजित ब्रज रसिया होली कार्यक्रम में राधा-कृष्ण प्रस्तुति और रंगों के बीच नृत्य करते कलाकार

चार घंटे तक रंग, रस और राधा-कृष्ण का उल्लास

रेणु शब्दमुखर, प्रसिद्ध लेखिका, जयपुर की रिपोर्ट

जयपुर। ब्रज की सांस्कृतिक छटा, राधा-कृष्ण की रसधारा और फाग उत्सव की मस्ती से सराबोर भव्य कार्यक्रम “ब्रज रसिया – होली के रंग… कृष्णा के संग” ने रविवार को जयपुर में रंगों की ऐसी छटा बिखेरी कि दर्शक चार घंटे तक झूमते रहे। यह आयोजन राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी एवं सम्पर्क संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्रीमती अनुराधा गोगिया, उप सचिव, कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान सरकार तथा कार्यक्रम अध्यक्ष एवं राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी की सचिव डॉ. लता श्रीमाली, संपर्क अध्यक्ष अनिल लढ़ा और समन्वयक महासचिव रेनू शब्दमुखर द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

ब्रज की फाग परंपरा पर आधारित इस रंगारंग आयोजन में राधा-कृष्ण की मनोहारी जोड़ी ने मंच पर धमाल मचाया, वहीं संपर्क सदस्यों ने गीत-संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया। फूलों की होली और रंगों की फुहार के बीच दर्शक भी उत्सव का हिस्सा बन गए।

संयोजक सीमा वालिया ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को ब्रज भाषा और संस्कृति से जोड़ना तथा होली के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप को समाज के समक्ष सजीव रूप में प्रस्तुत करना है। आयोजन के दौरान ब्रज होली पर आधारित कविता, नृत्य एवं गायन प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

समारोह में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. अरुण जोशी, हिन्दी प्रचार प्रसार संस्था के अध्यक्ष डॉ. अखिल शुक्ला, शिक्षाविद डॉ. ऋत्विज गौड़, पूर्व आईएएस मनोज शर्मा, शालिनी शर्मा, कविता सक्सेना, माधुरी कुमार, अपना वाजपेयी, अविनाश शर्मा, परमानंद जी, मुकेश जी, नवल किशोर शर्मा, धर्मेंद्र जी, नवीन भूटानी, रुचि, विम्मी मदान सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन डॉ. सूरज माहेश्वरी ने किया।

प्रतियोगिता परिणाम

सामान्य प्रतियोगिता: प्रथम – दीपा शर्मा, द्वितीय – रानी जांगिड़ , तृतीय – पूनम केसवानी काव्य-गीत प्रतियोगिता: प्रथम – डॉ. नेहा पारीक, सुशीला शर्मा, द्वितीय – डॉ. आरती भदौरिया, तृतीय – विजय लक्ष्मी जांगिड़ ‘विजया’, डॉ. रेखा गुप्ता

रंग, रस और भक्ति के अद्भुत संगम से सजा यह आयोजन जयपुर की सांस्कृतिक फिजा में ब्रज की महक घोल गया। उपस्थित अतिथियों ने इसे परंपरा और आधुनिकता का सुंदर समन्वय बताते हुए आयोजकों को बधाई दी।

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