पैसे स्वीकार करने वाले चार आरोपी ठाणे और छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार
पुणे: शेयर बाजार में निवेश पर अधिक रिटर्न का लालच देकर एक वरिष्ठ नागरिक से करीब 22 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में पैसे स्वीकार करने वाले चार आरोपियों को साइबर पुलिस ने ठाणे जिले के अंबरनाथ और छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम मुनिलकुमार सुरेंद्र सिंह (उम्र 51 वर्ष, निवासी अंबरनाथ, जिला ठाणे), आकाश चंद्रशेखर मराठे, लाला केशव उमाप (उम्र 26 वर्ष) और परमेश्वर दिलीप दाभाड़े (उम्र 23 वर्ष, तीनों निवासी छत्रपति संभाजीनगर) हैं.
पुणे के 85 वर्षीय एक वरिष्ठ नागरिक ने पिछले वर्ष साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. वे मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं. पुणे में उनकी एक निजी कंपनी थी, जिसे बेचने के बाद उन्हें बड़ी राशि प्राप्त हुई थी. यह रकम उन्होंने बैंक में जमा की थी.
पिछले वर्ष नवंबर में साइबर ठगों ने उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर शेयर बाजार में निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलने का झांसा दिया. इसके बाद विभिन्न निवेश योजनाओं की जानकारी दी गई और एक लिंक भेजा गया. फिर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करने को कहा गया. वरिष्ठ नागरिक ने ठगों द्वारा उपयोग किए जा रहे सात बैंक खातों में समय-समय पर कुल 22 करोड़ 3 लाख रुपये जमा किए, लेकिन उन्हें कोई रिटर्न नहीं मिला.
मामले की जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण से सामने आया कि ठगी की गई राशि का बड़ा हिस्सा विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया था. यह रकम 27 अलग-अलग लोगों के खातों में भेजी गई थी. इसी आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया.
आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उन्हें 12 फरवरी तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए.
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त अमितेशकुमार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रंजनकुमार शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त पंकज देशमुख और पुलिस उपायुक्त विवेक मासाल के मार्गदर्शन में की गई. इस अभियान में साइबर पुलिस थाने की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक स्वप्नाली शिंदे, पुलिस निरीक्षक संगीता देवकाटे, पुलिस उपनिरीक्षक स्नेहल अडसुले, सुशील डमरे, पुलिस हवलदार रामाणे, हंबीर, मदने, चौकटे, मांढरे, मुंढे, कोंडे, कारकुड, गंगाधर काले तथा पुलिस कर्मी भिंगारे, होळकर, सचिन शिंदे, विजय भोसले और अमदनान शेख शामिल थे.