ऐ अजनबी सांवरे

अजनबी सांवरे से संवाद करती भावनात्मक हिंदी कविता, जिसमें प्रेम, भक्ति और मन की खोज का काव्यात्मक चित्रण है।

झरना माथुर, प्रसिद्ध लेखिका

ऐ अजनबी, है मजहबी।
नादान हूं,अंजान हूं।।
तू है जहाँ , मैं हूं वहाँ ।
अब तो बता,अपना पता।।

ओ सांवरे ,मन बाबरे।
ढूंढू यहां, से मैं वहां।।
चितचोर तू,मनमोर तू।
ये भावना, है साजना।।

ऋतु प्रीत की,मन मीत की।
आओ चले , आस्मां तले।।
उपवन खिले,दोनों मिले।
तूने लिया,मेरा जिया।।

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