मेरु त्रयोदशी व्रत से मोक्ष पथ की साधना

तप की पूर्णता पर बरडिया परिवार का आयोजन बना नगर की आस्था का केंद्र

सुरेश परिहार, पुणे

महिदपुर रोड क्षेत्र शुक्रवार को उस समय पूर्णतः धर्म, भक्ति और उल्लास से सराबोर हो गया, जब पूज्य साध्वी श्री चारित्रकला श्री जी म.सा. की पावन निश्रा में बरडिया परिवार द्वारा मेरु तेरस तप की पूर्णता के उपलक्ष्य में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि तप, त्याग और आत्मशुद्धि के भावों का सजीव उदाहरण बनकर नगरवासियों के लिए प्रेरणा का केंद्र रहा।

पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वर जी म.सा. के पट्टधर गच्छाधिपति आचार्य देवेश श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वर जी म.सा. एवं आचार्य देवेश श्रीमद् जयरत्न सूरीश्वर जी म.सा. के आशीर्वाद से तथा पट्टधर द्वय की आज्ञानुवर्ती प. पू. साध्वी श्री चारित्रकला श्री जी म.सा. आदि ठाणा-5 की पावन निश्रा में यह मंगलकारी कार्यक्रम संपन्न हुआ।

श्रीमती सुशीला कांतिलाल बरडिया, श्रीमती प्रेमलता प्रकाशचंद्र बरडिया एवं श्रीमती हंसा विजयकुमार बरडिया द्वारा किए गए मेरु तेरस तप की पूर्णता पर शुक्रवार प्रातः 8.30 बजे तपस्वियों की शोभायात्रा निकाली गई। तपस्वी घी से निर्मित मेरु को अपने मस्तक पर धारण कर परमात्मा और गुरुदेव की जय-जयकार करते हुए आगे बढ़ रहे थे। मार्ग में उपस्थित समाजजनों ने मंगलकारी उद्घोषों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर पूज्य साध्वी श्री चारित्रकला जी म.सा. का नगर में ढोल-नगाड़ों के साथ मंगल पदार्पण हुआ। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई श्री सुविधिनाथ जैन मंदिर पहुंची, जहां परमात्मा को घी का मेरु अर्पित किया गया। इसके पश्चात चैत्यवंदन एवं परमात्मा के दर्शन का लाभ लिया गया।कार्यक्रम के अगले चरण में श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में पूज्य साध्वी जी म.सा. ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए मेरु त्रयोदशी व्रत के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पौष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को किया गया यह व्रत मोक्ष की ओर अग्रसर होने का सशक्त माध्यम है। इसी दिन प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ ने मोक्ष प्राप्त किया था और इस व्रत में पांच मेरु के संकल्प को पूर्ण किया जाता है।सभा के दौरान जैन श्री संघ इंदौर चातुर्मास की ओर से अध्यक्ष अजय चोरडिया द्वारा साध्वी श्री को महिदपुर रोड पधारने की विनती की गई, जिसे साध्वी जी ने सहर्ष स्वीकार कर समाज को अनुगृहित किया। इस धर्ममय आयोजन में सकल जैन श्री संघ, समाज के वरिष्ठजन, नवयुवक, महिलाएं, बहुएं, तरुण-तरुणियां एवं बालिका परिषद की सक्रिय उपस्थिति रही। सभी ने तपस्वियों के तप की बारंबार अनुमोदना कर धर्मलाभ प्राप्त किया। अंत में बरडिया परिवार ने कार्यक्रम में पधारे समस्त समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उक्त जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी द्वारा दी गई।

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