छप्पन भोग और खाटू श्याम दरबार ने बांधा श्रद्धालुओं का मन

दिखावे से दूर सच्ची भक्ति की सीख, भागवत कथा का पंचम दिवस भावविभोर

सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वॉयर न्यूज, पुणे

श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस का आयोजन आज अत्यंत भक्तिमय, उल्लासपूर्ण और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कथा स्थल श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति से गुंजायमान रहा। हर ओर “श्रीकृष्ण” नाम का संकीर्तन, भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि और श्रद्धा की तरंगें वातावरण को पावन बना रही थीं। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा श्रवण करते दिखाई दिए।कथा प्रवक्ता पूज्य श्री सुनीलकृष्ण जी व्यास (बेरछा वाले) ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत मनोहारी एवं भावपूर्ण वर्णन किया। विशेष रूप से पूतना प्रसंग के माध्यम से उन्होंने जीवन का गूढ़ संदेश देते हुए कहा कि नकली आकर्षण प्रारंभ में मन को मोह लेता है, लेकिन अंततः वही विनाश का कारण बनता है, जबकि सच्चाई, सरलता और निष्कलुष भक्ति ही शाश्वत सुख प्रदान करती है। उनके ओजस्वी और सारगर्भित प्रवचनों ने श्रोताओं को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया।

पंचम दिवस की कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजा और छप्पन भोग दर्शन का भावपूर्ण वर्णन किया गया। गोवर्धन पूजा के प्रसंग में पूज्य व्यास जी ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इंद्र के अहंकार के नाश और प्रकृति तथा कर्म के महत्व का अत्यंत सुंदर विवेचन किया। श्रद्धालुओं ने इस संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

कथा का विशेष आकर्षण बाबा खाटू श्याम जी का भव्य और दिव्य दरबार रहा। ठाकुर जी एवं बाबा खाटू श्याम जी को छप्पन व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। 56 भोग की आकर्षक, भव्य और कलात्मक सजावट ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस अलौकिक झांकी का सुंदर संयोजन सतीश गंगवाल द्वारा किया गया, जिसकी सभी श्रद्धालुओं ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

लाभार्थी मंंडोवरा परिवार, महिदपुर रोड

पंचम दिवस की आरती एवं प्रसादी के यजमान श्री राजेंद्र जी मंडोवरा, श्री पंकज जी मंडोवरा एवं समस्त मंडोवरा परिवार रहे। यजमान परिवार द्वारा श्रद्धा और भक्ति भाव से आरती, प्रसादी और सेवा कार्य संपन्न किए गए।

कथा के पंचम दिवस ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जीवन में बाहरी चमक-दमक और दिखावा नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति, सरल जीवन और निष्काम कर्म ही मनुष्य को ईश्वर के समीप ले जाते हैं। आज की कथा में तराना, शिप्रा, खारवा, बरसी, हाटपीपल्या सहित आसपास के अनेक क्षेत्रों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करते नजर आए।

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