
डॉ.नीरू जैन, प्रसिद्ध लेखिका जयपुर
हिंदी भाषा, हिंदी बोली
लगती मानो हमजोली हैं।
सुंदर व्याख्या में अनूठी है,
कविताएं इसमें रसभरी लगी हैं।
भारत की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर हैं,
हम सभी का अभिमान है।
कहानियाँ सुंदरता से हिंदी में पिरोकर
जीवंत सी लगती हैं,
आँखों के रास्ते उतर
सीधे दिल को छू जाती हैं।
भाव भरी एक भाषा यह,
मधुर इसकी ध्वनि, मधुर संवाद,
इसकी शृंगारी रूपरेखा और
व्याकरण की सहजता,
चंद्रबिंदु की शोभा निराली है।
हिंदी के शब्दों में छिपी है आत्मीयता
और भावनाओं की गहराई,
कभी मंत्र उच्चार, कभी वेद पुराण
आत्मा को ज्ञान कराते हैं।