भारतीय ज्ञान परंपरा का वास्तविक चरित्र समावेशी है : अम्बिका दत्त शर्मा

कोलकाता,
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय केंद्र कोलकाता और भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद (ICPR) नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में “भारतीय ज्ञान परंपरा और विज्ञान का दर्शन” विषय पर २८-२९ अगस्त को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ।

उद्घाटन सत्र में डॉ. अमित राय (संयोजक) ने स्वागत भाषण दिया। विशिष्ट अतिथि बिट्ठलदास मूंधड़ा और मुख्य अतिथि प्रो. नवीन चंद्र लोहानी रहे। प्रो. अम्बिका दत्त शर्मा ने बीज वक्तव्य दिया, जबकि अध्यक्षीय उद्बोधन प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्ल ने किया। संचालन डॉ. अमरेन्द्र कुमार शर्मा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. चित्रा माली ने किया।

प्रथम सत्र में डॉ. आशुतोष व्यास, श्री प्रियंकर पालीवाल ने विचार रखे, अध्यक्षता प्रो. अवधेश प्रधान ने की। संचालन डॉ. राकेश कुमार मिश्र और धन्यवाद डॉ. ऋचा द्विवेदी ने किया।

द्वितीय सत्र में वक्ता रहे संजय जायसवाल, जितेंद्र जितांशु, प्रो. कृपाशंकर चौबे। अध्यक्षीय उद्बोधन श्री आलोक टंडन का रहा। संचालन डॉ. एकता हेला और धन्यवाद डॉ. अमरेन्द्र कुमार शर्मा ने किया। सदीनामा मासिक पत्रिका के संपादक श्री जितेंद्र जितांशु ने भारतीय संस्कृति के ऐतिहासिक विकास,चीन के कन्फ़्यूशियस, यूनान और भारत,मार्क्स, डेमोक्रेसी, ईसा मसीह समेत कई उदाहरणों द्वारा भाषा,संस्कृति, और विचारधारा की स्थायित्व शक्ति,विलय और पुनरुद्धार की संभावना बताई।प्रोफेसर कृपाशंकर चौबे ने साहित्य में ज्ञान परंपरा के विकास को रेखंकित किया। उन्होंने भारतेंदु,महावीर प्रसाद द्विवेदी,आर्यभट,कौटिल्य आदि के शास्त्रों के ऐतिहासिक योगदान,शोध की भारतीय प्रविधि,नाट्यशास्त्र,पाणिनी, वासुदेव शरण अग्रवाल, औपनिवेशिकता,डिनाइजेशन, लोक-प्रतिबद्धता,समावेशिकता, और संवाद के परिप्रेक्ष्य में भारतीय ज्ञान परंपरा के आधुनिक महत्व को रेखांकित किया।

तृतीय सत्र में डॉ. अमरेन्द्र कुमार शर्मा, डॉ. राकेश कुमार मिश्र, प्रो. गोपाल कृष्ण ठाकुर और प्रो. निर्मल नारायण चक्रवर्ती ने अपने विचार रखे। संचालन डॉ. आशुतोष व्यास और धन्यवाद डॉ. अमित राय ने किया।

चतुर्थ सत्र में डॉ. शिशिर सिंह, दीपक कुमार, प्रो. मधु कपूर और श्री मृत्युंजय कुमार सिंह के विचार प्रस्तुत हुए। संचालन डॉ. ऋचा द्विवेदी और धन्यवाद डॉ. अमित राय ने किया।

समापन सत्र में शोधार्थी सोनिका तिवारी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रो. अम्बिका दत्त शर्मा और प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्ल ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिए। संचालन डॉ. चित्रा माली ने किया।

अंत में डॉ. अमित राय ने कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा, ICPR के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद मिश्रा, सभी अतिथि वक्ताओं, श्रोताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

लाइव वॉयर न्यूज के लिए रेणुका अस्थाना की रिपोर्ट

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