– पश्चिम भारत का पहला मान्यता प्राप्त सेंटर, 16 नवंबर को होगी परीक्षा
पुणे, 22 अगस्त
कोरियन भाषा सीखने वाले छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए पुणे से बड़ी खुशखबरी आई है। बालेवाड़ी स्थित युथबिल्ड फाउंडेशन परिसर में संचालित **इंडो-कोरियन सेंटर (IKC)** को कोरिया के शिक्षा मंत्रालय के अधीन **नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल एजुकेशन (NIIED)** ने कोरियन भाषा प्रवीणता परीक्षा **‘टोपिक’ (Test of Proficiency in Korean)** के लिए अधिकृत संस्था और परीक्षा केंद्र का दर्जा दिया है। यह पश्चिम भारत का पहला और एकमात्र मान्यता प्राप्त केंद्र है। इस बाबत जानकारी इंडो-कोरियन सेंटर व किंग सेजोंग इंस्टिट्यूट की डायरेक्टर डॉ. एउन्जु लिम और सह-संस्थापक संजीब घटक ने पत्रकार वार्ता में दी। डॉ. लिम ने बताया कि मुंबई स्थित कोरिया के वाणिज्य दूतावास के अधीन कार्यरत इस केंद्र से अब छात्रों, पेशेवरों और कोरियन विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा या नौकरी की तलाश करने वालों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र मिलेगा। उन्होंने कहा कि 1997 से शुरू हुई टोपिक परीक्षा कोरियन सरकार की आधिकारिक भाषा प्रवीणता परीक्षा है, जो पढ़ने, लिखने और सुनने की क्षमता की जांच करती है। यह कोरियन विश्वविद्यालयों में प्रवेश, नौकरी, वीजा प्रक्रिया और शैक्षणिक प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”
यह परीक्षा दो स्तरों पर होती है –
टोपिक-I (प्राथमिक, स्तर 1 और 2)
टोपिक-II** (मध्यम व उच्च, स्तर 3 से 6)
इसकी वैधता दो साल की होती है।
सह-संस्थापक संजीब घटक ने कहा कि टोपिक केवल भाषा परीक्षा नहीं, बल्कि शिक्षा, उद्योग और संस्कृति के क्षेत्र में भारत–कोरिया सहयोग को बढ़ावा देने का एक अहम माध्यम है।** आधिकारिक मान्यता से पुणे कोरियन भाषा शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मुख्य केंद्र बन गया है, जिससे भारतीय विद्यार्थियों के लिए कोरिया में शिक्षा और रोजगार की नई राहें खुलेंगी।”
16 नवंबर को होगी परीक्षा
इस वर्ष 11 मई को पुणे स्थित इंडो-कोरियन सेंटर में 100वीं टोपिक परीक्षा आयोजित हुई थी। अब 103वीं परीक्षा 16 नवंबर 2025 को होगी। प्रत्येक सत्र में 200 उम्मीदवारों के लिए सीटें उपलब्ध रहेंगी।
पंजीकरण 26 अगस्त से शुरू होकर 31 अगस्त तक चलेगा या सीटें भरने तक।
ऑनलाइन आवेदन के लिए लिंक: [https://justkiwa.in/index.php/topik/](https://justkiwa.in/index.php/topik/) डॉ. लिम ने बताया कि आने वाले समय में साल में तीन बार टोपिक परीक्षा आयोजित करने और करियर-केंद्रित शिक्षा व इंडस्ट्री सहयोग कार्यक्रम शुरू करने की योजना है।