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तुम्हारा प्रेम

अनुपस्थिति और अधूरे प्रेम की प्रतीक्षा में अकेला व्यक्ति कभी इंसान लौटकर नहीं आता, फिर भी उसका प्रेम मन में सुरक्षित रह जाता है.

मौसमी चंद्रा, पटना

तुम्हारे न लौटने की संभावना
अब धीरे-धीरे मेरे जीवन का
एक निर्विवाद सत्य बन चुकी है!

फिर भी एक बात,
जो समय के अधिकार-क्षेत्र से बाहर है।

तुम्हारे लिए मेरे भीतर
जो प्रेम कभी जन्मा था,
तुम्हारी अनुपस्थिति
उसे अपने साथ नहीं ले जा सकी!

वह आज भी मेरे पास सुरक्षित है,
तुम्हारे लौटने की प्रतीक्षा किए बिना!

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