मेरी ख़ास मित्र

अपनी ननद और प्रिय मित्र के साथ मुस्कुराती हुई एक भारतीय महिला, जो विश्वास, अपनापन, प्रेरणा और जीवनभर की सच्ची मित्रता का प्रतीक है।

मधु मिश्रा

जीवन में कुछ रिश्ते हमें जन्म से मिलते हैं, लेकिन मित्र एक ऐसा रिश्ता है, जो अपने अपनत्व, विश्वास और भरोसे से दिल की गहराइयों में अपनी एक ख़ास जगह बना लेता है।

अच्छा मित्र एक अच्छे वकील की तरह सही सलाह देता है, कुशल डॉक्टर की तरह जीने का हौसला देता है और एक शानदार मोटिवेटर की तरह परिस्थितियों से डटकर मुकाबला करने का जज़्बा भी भरता है।

वैसे तो पूरे जीवनकाल में बहुत से लोगों से मित्रता हो जाती है, पर उन सबमें कोई एक ऐसा ख़ास होता है, जो ख़ून के सारे रिश्तों से भी ऊपर अपनी जगह बना लेता है।

ऐसी ही एक ख़ास मेरी भी मित्र है—मेरी ननद। उम्र में वह मुझसे बड़ी हैं, लेकिन उनसे मेरा एक अलग ही तरह का लगाव है। मैं उनसे दिल खोलकर बातें कर पाती हूँ। ज़िंदगी के हर उतार-चढ़ाव में सही सलाह की मुझे सबसे अधिक उम्मीद उन्हीं से होती है।

सच कहूँ तो मेरे लेखन का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। मैंने जैसा भी लिखा, उन्होंने मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया। वह कहती रहीं, “घर की सारी उलझनों के बीच तुम जो भी लिखोगी, वही तुम्हारी उपलब्धि होगी। बस लिखती रहो, इसे छोड़ना मत। धीरे-धीरे तुम्हारे लेखन में परिपक्वता आएगी।”

पता नहीं मेरा लेखन परिपक्व हुआ या नहीं, लेकिन हाँ, जो भी लिखती हूँ, उससे मुझे आत्मतुष्टि अवश्य मिलती है। अब तक मेरी दो पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और आज भी मैं जो कुछ लिखती हूँ, उसका सारा श्रेय उन्हीं को देती हूँ।

अंत में बस यही कहना चाहती हूँ कि हर एक की ज़िंदगी में एक ऐसा मित्र अवश्य होना चाहिए, जो हर परिस्थिति में आपका मार्गदर्शन करे, आपका हौसला बढ़ाए और आपकी सफलता में दिल से खुश हो।
इन रचनाओं को भी पढ़ें

“न कॉल, न मैसेज, न कोई वजह… आखिर क्यों रिश्तों में बढ़ रहा है घोस्टिंग का चलन ?”
फ्रेंडशिप डे
दोस्त
मैं कौन हूँ ?
वो तीन दिन
तुम्हारा बाय कहना मुझे अच्छा नहीं लगता..
कॉफी कनेक्शन
 एक मौसम फिर लौट आया
कैफे हाउस …
वह दास्तान

One thought on “मेरी ख़ास मित्र

  1. धन्यवाद सुरेश जी आपने मेरे भावों को प्रकाशित किया 🙏💐

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *