Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

हर स्वाद में मिठास

hindi divas

अनुपम नीता बर्डे, प्रसिद्ध व्यंग्यकार, बिलासपुर

उस दिन हमारी डाइनिंग टेबल पर तीन प्रकार के आम रखे हुए थे—एक था बैगनफली, जो शर्ली का पसंदीदा था; एक था चौसा, जो नीता का पसंदीदा था; और एक था दशहरी, जो मेरा पसंदीदा था। हम अपने-अपने पसंद के आम खा रहे थे।

शर्ली का कहना था कि सबसे बढ़िया स्वाद उसके आम का है। नीता ने कहा—नहीं-नहीं, मेरा आम सबसे बढ़िया है। फिर मैं क्यों चूकता? मैंने कहा—मेरे से ज़्यादा स्वादिष्ट और किसी का हो ही नहीं सकता!

हम एक-दूसरे के आमों का स्वाद बिना चखे ही अपने को सर्वोत्तम बता रहे थे। फिर हमने एक-दूसरे के आमों का स्वाद लिया और पाया कि भले ही उनका फ्लेवर अलग है, लेकिन वे भी स्वादिष्ट हैं!

हम ईसाई हैं। हमारे बेटे की टेबल पर श्रीमद्भगवद्गीता का अंग्रेज़ी संस्करण रखा हुआ है और मेरे कंप्यूटर टेबल पर क़ुरआन शरीफ़ का हिंदी संस्करण। सभी में मिठास है, अलग-अलग प्रकार की।

बिना दूसरे को चखे हम कैसे कह सकते हैं
कि हम ही सर्वश्रेष्ठ हैं?

2 thoughts on “हर स्वाद में मिठास

  1. वाह! इतनी महत्वपूर्ण बात आसान शब्दों में बयां की गई है। अभिनन्दन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *