
इंदौर से वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा की लाइव वॉयर न्यूज के लिए खास रिपोर्ट
बिहार चुनाव की सुगबुगाहट शुरु होने से पहले मध्य प्रदेश के मोहन विरोधी नेताओं ने ऐसा माहोल बनाया था कि दिल्ली बहुत नाराज है। सीएम जितनी बार दिल्ली जाते हैं, अमित शाह फटकार लगाते हैं। केंद्र में मंत्री एक नेता ने तो सार्वजनिक मंच से बयान दे डाला था कि किसानों के हितों के लिये मुझे आंदोलन करना पड़ा तो पीछे नहीं हटूंगा। उनका यह बयान इसलिये भी दिल्ली के नेताओं को रास नहीं आया कि मप्र में सरकार भाजपा की ही है तो ऐसा बयान क्यों दिया। एक पूर्व सीएम को झांसी से चुनाव लड़ने का सपना आ गया-जबकि अभी चुनाव जैसी कोई हलचल नहीं है। बिहार के परिणाम चौंकाने वाले आ गए क्योंकि भाजपा ने भी इतनी सीटों की कल्पना नहीं की थी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिहार की यादव बहुल 27 सीटों पर प्रचार किया था और 21 सीटों पर भाजपा को कामयाबी मिली है, यानी मोहन यादव भी धर्मेंद्र यादव की तरह अमित शाह की आंखों के तारे हो गए हैं। मप्र के उन तमाम विरोधी नेताओं के सपने चूर चूर हो गए हैं। अब मप्र मंत्रिमंडल में फेरबदल जरूर होना है, कयास लगाए जा रहे हैं कि मोहन यादव की राह में कांटे बिछाने वाले भूतपूर्व भी हो जाएं तो बड़ी बात नहीं।
🔹विधायक सेना पटेल ने घेरा कलेक्टर को
आलीराजपुर में राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा था और आदिवासी छात्रावास में संदिग्ध परिस्थिति में सुबह 9 बजे मृत छात्रा की दोपहर तीन बजे तक किसी ने जानकारी ही नहीं ली। वार्डन सहित अन्य स्टॉफ कमरों में ताले लगाकर शायद उक्त समारोह में चला गया था। विधायक सेना पटेल मौके पर पहुंची, मौके से ही कलेक्टर नीतू माथुर को फोन पर जानकारी देने के साथ ही सहायक आयुक्त, वार्डन पर एक्शन की मांग भी कर डाली। विधायक की इस सजगता के चलते बाद में कलेक्टर को इन अधिकारियों पर एक्शन लेना पड़ा।
🔹सीएम झरोखे में, छटपटाहट सिलावट की
नवंबर महीने के शुक्रवार को मंत्री तुलसी सिलावट का कीर्तिमान ठिठक सा गया। सीएम डॉ यादव जब जब इंदौर आते हैं, ऐसा होता ही नहीं कि सीएम के साथ सिलावट फोटो में नजर नहीं आए। बिहार में मिली बंपर जीत की खुशी तो इंदौर के नेताओं को भी थी लेकिन उनके बयानों के मंसूबे पर अचानक इंदौर पहुंचे सीएम ने पानी फेर दिया। सीएम आए और गोपाल मंदिर के छज्जे में खड़े होकर आमजन का अभिवादन स्वीकारते रहे। झरोखे में सीएम के समीप आने की कोशिश जरूर करते रहे लेकिन सिलावट की यह ख्वाहिश पूरी नहीं हो पाई।
🔹अल फलाह का मतलब बदल डाला
अरबी भाषा के शब्द अल फलाह का सीधा सा मतलब अल्लाह के बताए रास्ते पर चलना भी होता है लेकिन जावेद अहमद सिद्दीकी ने तो इसका मतलब ही बदल डाला। दिल्ली ब्लास्ट मामले में जावेद सिद्दीकी का महू कनेक्शन, महू आर्मी हेडक्वाटर के लिहाज से बेहद खतरनाक हैं। वजह यह कि जावेद अहमद भले ही 1993 में महू छोड़ गया लेकिन उसकी पैदाइश है तो यहीं की है। उसके अब्बा हुजूर एम्माद तो तब महू के शहर काजी थे। पूरे परिवार ने महू छोड़ा है लेकिन रिश्तेदारों से संबंध तो हैं। पुलिस सहित तमाम सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल पर काम कर ही रही होंगी किंतु चिंता का विषय इसलिए भी है कि जावेद अहमद के रिश्तेदार महू आर्मी के बारे में काफी कुछ ना जानते हों यह संभव नहीं।
भारत के कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के रिकॉर्ड के मुताबिक जावेद अहमद सिद्दीकी 9 पंजीकृत कंपनियों से निर्देशक या प्रबंध प्रमुख के रूप में जुड़ा है। इनमें अल फलाह इन्वेस्टमेंट लिमिटेड, अल फलाह सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड, अल फलाह कंसलटेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, अल फलाह एक्सपोर्ट्स लिमिटेड, अल फलाह एनर्जी लिमिटेड, अल फलाह एजुकेशन सर्विस एलएलपी, तरबिया एजुकेशन फाऊंडेशन शामिल हैं। इन सब के अलावा वह शरीका पब्लिक स्कूल, एक अनाथालय और एक मदरसे से भी जुड़ा है।
🔹जज बन कर पिता की इच्छा पूरी की बेटी ने
पिता का सपना पूरा किया हरप्रीत कौर ने
जबलपुर द्वारा घोषित सिविल जज परीक्षा-2022 परिणाम में गुना की हरप्रीत कौर परिहार ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। खास बात ये है कि उन्होंने ये सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है। हरप्रीत ने कुल 450 में से 281. 83 अंक प्राप्त करके ये सफलता हासिल की। व्यापार के सिलसिले में मुंबई गए हरप्रीत के पिता नरेंद्र सिंह परिहार बेटी की सफलता से खुश होकर अपना काम अधूरा छोड़कर वापस घर आ गए। य
परिहार बेटी को पहले दिन से यही कहते रहते थे तुम्हें ज्यूडिशियरी की तैयारी करनी है, मेरी भी यही इच्छा थी कि मेरी बेटी जज बने, वो भी जज बनना चाहती थी, शायद इसलिए ये संभव हो पाया।
🔹हर दिन 5क्विंटल कचरा क्षिप्रा में
उज्जैन में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु जिस शिप्रा नदी के जल में स्नान कर आचमन करते हैं, मांगल्या से गुजरने वाली शिप्रा नदी के उसी जल को इंदौर देवास रोड पर प्रतिदिन 5 क्विंटल धार्मिक कचरे से दूषित किया जा रहा है। इतना ही नहीं इसी दूषित जल को स्वच्छ मानकर देवास के हजारों लोग पानी पीने के लिए मजबूर हैं।अब क्षेत्रीय सरपंच प्रिया मांगरोले ने नदी को कचरा-प्रदूषण से बचाने आर्थिक दंड लगाने का फैसला किया है।
नदी को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ ₹1100 का जुर्माना और प्रदूषण करने वालों की जानकारी पंचायत को देंगे उन्हें 200 रु पुरस्कार देंगे।
🔹उज्जैन से बढ़ जाएगी सभी ट्रेन की रफ्तार
स्विट्जरलैंड की रेल ट्रैक टेक्नोलॉजी कंपनी स्विहैग एजी ने विक्रम उद्योगपुरी में अपनी यूनिट लगाने की मंशा जताई है। यूनिट लगने पर यहां ऐसे मॉडर्न उपकरण तैयार होंगे, जो कई देशों में हाई-स्पीड रेल, हैवी ड्यूटी ट्रेनें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में उपयोग किए जाते हैं। उज्जैन में इस कंपनी की यूनिट लगने का मतलब होगा इस क्षेत्र से गुजरने वाली सभी ट्रेन की गति में वृद्धि होना, कंपनी के उत्पाद रेलवे ट्रैक की सुरक्षा, टिकाऊपन और लागत-कुशलता बढ़ाने में इस्तेमाल होते हैं। यानी उज्जैन भारतीय रेल की गति बढ़ाने का नया केंद्र बन जाएगा। स्विस कंपनी स्विहैग एजी ने पहले चरण में 70 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव रखा है।एमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौर उत्साहित हैं कि स्विहैग एजी ने उद्योगपुरी में 5 एकड़ जमीन मांगी है। कंपनी के सीईओ डेनियल डाहिन्डन, भारत में कंपनी के प्रतिनिधि चेतन शर्मा और हर्ष वाजपेयी विक्रम उद्योगपुरी सेकंड फेज का दौरा भी कर चुके हैं।
🔹यूनिक वॉश ऑन व्हील्स पुरस्कार
जिला पंचायत छिंदवाड़ा को अपने यूनिक वॉश ऑन व्हील्स प्रोग्राम के लिए देश का सबसे प्रतिष्ठित इंडिया सेनीटेशन कोएलिशन फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 मिला है। यह सम्मान सतत रखरखाव और सामुदायिक प्रबंधन श्रेणी में मिला, जिसने पूरे देश में छिंदवाड़ा का नाम रोशन किया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार ने दिल्ली में यह पुरस्कार प्राप्त किया।प्रदेश सरकार ने यूनिक वॉश ऑन व्हील्स को अब राज्य में लागू कर दिया गया है।
🔹छात्राओं ने गाड़ी घेर ली राज्यमंत्री की
लोक स्वास्थ्य-चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री शिवाजी पटेल भौचक रह गए जब उनकी गाड़ी छात्राओं ने घेर ली। वो पहुंचे थे खातेगांव और ये छात्राएं संदलपुर स्थित कस्तूरबा छात्रावास की वार्डन मंजुला गुर्जर के खिलाफ शिकायतें लेकर पहुंची थी। छात्राओं ने वार्डन द्वारा तीन साल से विभिन्न तरीकों से दी जा रही प्रताड़ना गिनाना शुरु कर दी। राज्यमंत्री ने छात्रावास की अव्यवस्था सात दिन में दूर करने के निर्देश तो अधिकारियों को दिए ही साथ ही छात्राओं को अपना पर्सनल नंबर भी नोट करा दिया कि व्यवस्था और वार्डन का व्यवहार नहीं सुधरे तो सीधे मुझे फोन करना।
🔹गुस्सा तो सांसद सुधीर गुप्ता को भी आता है
जब सरकारी बैठकों में अधिकारियों के अड़ियल रवैये पर इंदौर के जनप्रतिनिधियों को गुस्सा आ सकता है तो मंदसौर में मास्टर प्लान-2041 को लेकर हुई बैठक में यदि सांसद सुधीर गुप्ता को गुस्सा आ गया तो क्या हुआ। सांसद गुप्ता ने टीएनसीपी अधिकारी विनीता दृश्यमकर और उनकी टीम के अधिकारियों को यहां तक कह दिया कि आप लोग अरेस्ट होने जैसे काम कर रहे हो। भरपूर वेतन ले रहे हो लेकिन बंद कमरे में प्लॉन बनाते हो गूगल की मदद से। मास्टर प्लान में ढिलाई को लेकर सिर्फ सांसद ही गुस्सा नहीं हुए, कुछ अज्ञात लोगों ने गधों का जुलूस भी निकाल दिया।
🔹दुनिया भर के असली बाघ पर भारी है हमारा बाघ
पेंच टाइगर रिजर्व में कबाड़ से बनाए गए बाघ के एक अनोखे स्टैच्यू का मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अनावरण किया। यह कलाकृति अब दुनिया में कबाड़ से बनी सबसे बड़ी बाघ की कलाकृति बन गई है और इसने अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में बने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।
बाघ का स्टैच्यू बनाने में 10 टन यानी 10 हजार किलो लोहे के कबाड़ का इस्तेमाल किया गया है। स्टैच्यू को बनाने में पुरानी साइकिल, पाइप, जंग लगी चादरें और दूसरे बेकार पड़े सामान का इस्तेमाल किया गया है। स्थानीय कलाकारों ने इस विशाल स्टैच्यू को 200 दिन में बनाकर तैयार किया है।
पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह के मुताबिक यह कलाकृति 17 फीट 6 इंच ऊंची, 40 फीट लंबी और 8 फीट चौड़ी है।
वर्ल्ड रिकॉर्ड एकेडमी के अनुसार, अब तक की सबसे बड़ी बाघ कलाकृति अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में 8 फीट ऊंची और 14 फीट लंबी है, उसके मुकाबले पेंच की यह कबाड़ से बनी कलाकृति आकार में कहीं अधिक बड़ी है।
🔹शहडोल एसपी-कलेक्टर ने हद कर दी !
शहडोल के एसपी-कलेक्टर ने एनएसए का एक आदेश जारी करने में बरती लापरवाही से राज्य शासन को नीचा दिखा दिया। शहडोल के कृषक हीरामणि बैस ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका में बताया कि उनके बेटे सुशांत बैस को एनएसए में एक साल तक जेल में रखा गया। याचिका में उन्होंने बताया कि शहडोल के एसपी ने 6 सितंबर 2024 को नीरज कांत द्विवेदी नाम के शख्स के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी थी। 9 सितंबर को कलेक्टर ने यह आदेश पारित कर दिया, लेकिन इस सरकारी आदेश में नीरज कांत द्विवेदी के बजाय गलती से सुशांत बैस का नाम दर्ज हो गया, इस टायपिंग मिस्टेक के चलते उनके बेगुनाह पुत्र को जेल में रहना पड़ा।
अदालत ने शहडोल के कलेक्टर केदार सिंह को अवमानना नोटिस जारी किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अफसरों ने माना कि यह टाइपिंग एरर था। राज्य सरकार के गृह विभाग ने भी हलफनामा देकर कहा कि आदेश में नाम गलती से बदल गया था और इस मामले में एक क्लर्क से जवाब मांगा गया है. इसके बाद कोर्ट ने कलेक्टर पर 2 लाख का जुर्माना लगाया. आदेश दिया कि कलेक्टर को यह जुर्माना अपनी जेब से भरना होगा और यह रकम सुशांत के खाते में जमा की जाएगी।
