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वह कौन ?

वह कौन हिंदी कविता के भावों को दर्शाता रहस्यमय दृश्य स्मृतियों की सरिता में बहती एक अनाम उपस्थिति की तलाश।

बीना अजय मिश्रा

क्या भूल गया,
क्या याद रहा,
इसकी चिंता,
उसका संताप,
मेरी राहों का
दीपक कौन?

मेरी साँसों में
किसका ताप?
मेरी विस्मृति की
सरिता में
कल-कल-सा
कौन बहा जाता?

मेरे मेघों में
तड़ित बना, वह कौन,
जो राग विह्वल गाता?

जीवन भर देता काँटों में
फूलों में मधु के मादक रंग,
सुख-दुःख के युग
हों क्षण में शेष,
कैसी माया,
वह कौन मलंग?

वह कौन विकल,
बुदबुद जल-सा?
वह कौन सुनहली
रश्मि-किरण?

वह कौन निशा का
एक समर्पण?
वह कौन उषा की
मूक फिरन?
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