बहती संवेदना
सावन की फुहारों और रंग-बिरंगी चूड़ियों के बीच बुनी यह कहानी एक नवविधवा बहू के मन के सूनेपन और फिर से जागती उम्मीद की मार्मिक झलक दिखाती है, जहाँ जीवन अपने दर्द के साथ भी आगे बढ़ना सीखता है।

सावन की फुहारों और रंग-बिरंगी चूड़ियों के बीच बुनी यह कहानी एक नवविधवा बहू के मन के सूनेपन और फिर से जागती उम्मीद की मार्मिक झलक दिखाती है, जहाँ जीवन अपने दर्द के साथ भी आगे बढ़ना सीखता है।