एक प्रश्न
शर्मा जी ने जीवन की पूरी कमाई दो बेटों में बाँट दी, पर बदले में एक कमरा तक न मिला। किराए के मकान में रहने वाले शर्मा जी सुबह का खाना बड़े बेटे और शाम का खाना छोटे बेटे के यहाँ खाकर लौट आते। यह दिनचर्या उनके दस वर्षीय पोते निखिल से छिपी नहीं थी। एक दिन वह मासूमियत से पूछ बैठा. “पापा, जब आप बूढ़े हो जाएँगे… तो दूसरे वक्त का खाना कहाँ खाएँगे
