सिगड़ी से आंख फेरी तो गैस भट्टी में झुलसने लगी सराफा चौपाटी !
जिन सराफा व्यापारियों ने दशकों पहले अपने ओटले किराए पर देकर सराफा चौपाटी के दुकानदारों को कंधे पर बैठाया आखिर वही क्यों अब उन्हें यहां से भगाने पर आमादा हो गए। कुछ सालों में बने इस हालात की एक बड़ी वजह है सिगड़ी के सम्मान को भूल कर चौपाटी की दुकानों में गैस भट्टी का मोह बढ़ता जाना ।
संकरी गलियों वाले सराफा क्षेत्र में चाट-व्यंजन की इन दुकानों का इतिहास करीब नौ दशक पुराना है। तब चौपाटी के दुकानदार खानपान की सामग्री घर से ही बना कर लाते थे और इस खाद्य सामग्री को गर्म रखने के लिए कोयले वाली सिगड़ियों का इस्तेमाल करते थे
