Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

एक प्रतीक्षा…

यह कविता जीवन में प्रतीक्षा की गहराई को उजागर करती है। इसमें मनुष्य के उस भाव को चित्रित किया गया है जहाँ वह प्रकृति या ईश्वर की अदृश्य उपस्थिति को महसूस करता है—एक ऐसा विश्वास जो जीवन को समेटता है, उसे संपूर्णता देता है। प्रतीक्षा केवल किसी घटना की नहीं, बल्कि उन सूक्ष्म संवेदनाओं, विरासत की प्रतिध्वनियों और जीने के अनगिनत रंगों की है। यह प्रतीक्षा जीवन की हर ध्वनि, रूप, पहचान और संबंध को आत्मसात करने की है, जिसमें प्रकृति और सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का अंश समाहित हो। कविता कहती है कि सच्ची प्रतीक्षा वही है, जिसमें जीवन और ब्रह्मांड के साथ एकत्व का अहसास जुड़ा हो।

Read More

भाषा

कविताएँ हर भाषा को अपने भीतर जगह देती हैं। वे जानती हैं कि भाषा कोई बंधन नहीं, बल्कि संस्कृति और चेतना के बीज हैं। चरवाहे का गीत, मछुआरों की धुन और मजदूर का प्रतिरोध—सबकी आवाज़ कविताएँ सीमाओं से परे ले जाना चाहती हैं। भाषाओं का मेल ही विचारों को स्थायी बनाएगा और मानवता को जीवित रखेगा।

Read More