रात में खाली बिस्तर और रहस्यमयी माहौल, लड़की के गायब होने का सस्पेंस दृश्य

अब क्या होगा…?

“रीता ने दरवाज़े की दोनों कुंडियाँ कसकर बंद कर दीं।आज उसने ठान लिया था—सच जानकर ही रहेगी। आधी रात को जब उसकी आँख खुली,
तो उसने घबराकर शेफाली के बिस्तर की ओर देखा…बिस्तर फिर से खाली था।रीता की सांसें थम-सी गईं दरवाज़ा तो अंदर से बंद था…तो आखिर शेफाली गई कहाँ?”

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चरित्रहीन

जानकी ने चारपाई का सहारा लिया, पर पाँव डगमगा गए। गले में फाँस-सी अटकी थी, आँखें सूखी होकर भी जल रही थीं। सफ़ाई देने को शब्द नहीं थे, और सुनने वाला भी कौन था? घर की चौखट लाँघते ही उसके कदम रात के सन्नाटे को चीरती ट्रेन की चीख में खो गए—आज उस चीख में शामिल थी एक और चीख।

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