कभी तुम्हारा कभी हमारा
ज़िंदगी कभी हमें सहारा देती है, कभी हम दूसरों के लिए सहारा बन जाते हैं। हालात चाहे जैसे हों, अमीर हो या ग़रीब, सबको तमीज़ से पेश आना होता है। भूख-प्यास, सुख-दुःख, किनारा या तूफ़ान — ये सब कभी तुम्हारे हिस्से आते हैं, कभी हमारे। यही जीवन का सच है कि नज़ारा बदलता रहता है और हर किसी की बारी आती है।”
