नीमच में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कंचन बाई मेघवाल ने मधुमक्खियों के हमले से बच्चों को बचाते हुए बलिदान दिया

मानवता की मिसाल: नीमच में बच्चों को बचाते हुए महिला ने दी जान

उस सुबह आंगनवाड़ी परिसर में बच्चों की हंसी गूंज रही थी। किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही मिनटों में यह जगह चीखों, अफरा-तफरी और मौत से टकराने वाली बहादुरी की गवाह बनने वाली है।
अचानक मधुमक्खियों का एक झुंड आंगनवाड़ी में खेल रहे बच्चों पर टूट पड़ा। नन्हे हाथ सिर ढकने लगे, मासूम आंखों में डर तैर गया

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