पुराने प्रेम पत्र और भावनात्मक यादों को दर्शाती ‘तेरे खत’ हिंदी कविता की यथार्थवादी छवि।

तेरे खत

“तेरे खत” प्रेम और विरह की उन अनमोल स्मृतियों को शब्द देती है, जब चिट्ठियाँ केवल संदेश नहीं बल्कि दिलों को जोड़ने वाला एहसास हुआ करती थीं। यह कविता पुराने खतों में सहेजे प्रेम, प्रतीक्षा और भावनात्मक जुड़ाव की मधुर यादों को जीवंत करती है।

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उज्जैन में शरद जोशी की स्मृति में व्यंग्य गोष्ठी

मध्यप्रदेश लेखक संघ उज्जैन द्वारा हिन्दी व्यंग्य के प्रख्यात हस्ताक्षर शरद जोशी की स्मृति में आयोजित व्यंग्य गोष्ठी में साहित्य जगत के कई वरिष्ठ लेखक और व्यंग्यकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन प्रेस क्लब, उज्जैन में किया गया, जिसमें व्यंग्यकारों ने शरद जी के अद्भुत साहित्यिक योगदान और उनके सामाजिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार और विक्रम विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉ. शैलेन्द्रकुमार शर्मा ने कहा कि शरद जोशी सम्पूर्ण व्यंग्य परम्परा के विलक्षण व्यंग्यकार थे। उनके व्यंग्य में विषयों का वैविध्य था और वे आम जीवन के सामान्य विषयों को भी बड़े प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते थे।

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“सृजनिका” के छठे अंक का गरिमामयी लोकार्पण

मुंबई से प्रकाशित त्रैमासिक हिंदी साहित्यिक पत्रिका सृजनिकाके छठे अंक का लोकार्पण मंगलवार, 26 अगस्त को कुर्ला स्थित यूकेएस इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ एंड रिसर्च के सभागार में हुआ.
समारोह के मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के कार्यकारी निदेशक (नॉन-फ्यूल बिज़नेस) मुरलीकृष्ण वेंकट वाद्रेवु ने हिंदी को व्यवसाय-वृद्धि की महत्वपूर्ण सहयोगी भाषा बताते हुए अपने अनुभव साझा किए.

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