Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
विभिन्न वर्गों के लोग एक साथ खड़े, समानता और एकता का प्रतीक

समरस समाज

भेदभाव की दीवारें टूटें,और मानवता समाज की नींव बने. यही सच्ची प्रगति है।जब हर व्यक्ति को समान अधिकार मिलेगा,तभी एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण होगा।

Read More

महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर अत्याचार बढ़े

यह लेख भारतीय समाज में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और जनजाति समुदायों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर केंद्रित है। एनसीआरबी के 2023 के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि हुई है, जिसमें घरेलू हिंसा, दहेज हत्याएं, अपहरण, बलात्कार और छेड़छाड़ के मामले प्रमुख हैं। बच्चों पर अत्याचारों में भी तेज़ी से वृद्धि हुई है, और बुजुर्ग व जनजाति समुदाय भी सुरक्षित नहीं हैं। लेख में यह भी बताया गया है कि केवल कानून और पुलिस की तत्परता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज में पुरुष प्रधान मानसिकता को बदलना और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना अनिवार्य है। यह स्थिति संकेत देती है कि सामाजिक और मानसिक स्तर पर व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

Read More

विधवाओं की दशा पर केंद्रित स्मारिका का लोकार्पण

महिला जागृति अभियान की पाँचवीं वर्षगांठ के अवसर पर इंदौर में आयोजित एक भव्य समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार अरुणा खरगोनकर द्वारा संपादित विधवाओं की दशा पर केंद्रित स्मारिका का लोकार्पण किया गया. आयोजन विचार प्रवाह साहित्य मंच के तत्वावधान में इंदौर प्रेस क्लब स्थित एक रेस्तरां के सभागार में हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित थीं.कार्यक्रम का शुभारंभ महाराष्ट्र में विधवा प्रथा उन्मूलन आंदोलन के जनक प्रमोद झिंझड़े, वरिष्ठ पत्रकार व समाजकर्मी प्रसून लतांत, इंदौर प्रेस क्लब के मुकेश तिवारी, विचार प्रवाह साहित्य मंच की अध्यक्ष सुषमा दुबे और समाज चिंतक मनीष खरगोनकर ने संयुक्त रूप से किया.

Read More