हरियाली तीज
हरियाली तीज सावन, प्रेम, सुहाग और विश्वास का पर्व है। प्रस्तुत कविता में मेहंदी, झूले, हरी चूड़ियों और शिव-पार्वती के माध्यम से प्रेम और समर्पण की सुंदर अभिव्यक्ति की गई है।

हरियाली तीज सावन, प्रेम, सुहाग और विश्वास का पर्व है। प्रस्तुत कविता में मेहंदी, झूले, हरी चूड़ियों और शिव-पार्वती के माध्यम से प्रेम और समर्पण की सुंदर अभिव्यक्ति की गई है।
“प्रेम” एक गहन और विचारोत्तेजक कविता है, जो सच्चे प्रेम की वास्तविकता पर प्रश्न उठाती है। यह रचना बताती है कि प्रेम केवल शब्दों या दिखावे में नहीं, बल्कि त्याग, समर्पण और आंतरिक अनुभूति में बसता है। मीरा की भक्ति, शिव-पार्वती का अटूट संबंध और प्रकृति के रूपक इस भाव को और गहराई देते हैं। कविता यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या आज के समय में कोई प्रेम को उसकी सच्ची भावना के साथ समझ पाता है। यह एक आत्ममंथन और प्रेम की सच्ची परिभाषा को खोजने की सुंदर कोशिश है।