लोककथा
औषध या टोना
“ज्ञान जब अज्ञान में डूब जाए तो टोना कहलाता है…
पर समझो तो वही औषध है, वही विद्या।” गाँव के लोग जिन शब्दों को मंत्र समझते थे, वे दरअसल उपचार थे और जिस औरत को ‘डायन’ कहा गया, वही जीवन लौटाने वाली वैद्य निकली। विश्वास और अंधविश्वास की पतली सरहद उस रात फिर धुंधली हो गई।
दिलों को जोड़ती, नफरतों को तोड़ती हिंदी
हिंदी अपनी निर्बाध गति से आगे बढ़ती है और लोगों के दिलों को जोड़ती है। यह हिंदुस्तान का हृदय बनकर अपनी सरल और सहज चाल से सबको साथ लेती है। हिंदी संस्कृतियों के बीच पुल बनाती है और वर्जनाओं को तोड़ती है। यह सुहृदयजनों के भावों को अपनी ओर मोड़ती है और परंपराओं को तोड़कर नई परंपराएं बनाती है। हिंदी राम-रहीम और कृष्ण-करीम जैसी एकता को सामने लाती है, बंटी-बबली जैसी कहानियों को अपनाती है और अनेक भाषाओं के दरिया को अपनी ओर मोड़ती है। यह पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण से दिलों को जोड़ती है, प्रेम और इंसानियत को बढ़ाती है और नफरतों को दूर करती है।
