“मुरली की धुन”
राधा-कृष्ण का प्रेम केवल सांसारिक प्रेम नहीं, बल्कि भक्ति, समर्पण और त्याग का प्रतीक माना जाता है। ‘मुरली की धुन’ इसी अमर प्रेम की एक भावुक कथा है, जिसमें कृष्ण अपनी राधा से किया वचन निभाने के लिए उनके जीवन के अंतिम क्षणों में लौटकर आते हैं।
